23 November 2010

Hindi kaise likhe, hindi writing, hindi writer

ऊर्वशी और  लंकेश लक्ष्य के स्कूल से जो नोट वगैरा लिखे आते हैं या इम्तिहान की तैयारी आदि के लिये टेस्ट पेपर आते हैं, उन पर अध्यापक/अध्यापिकायें अंग्रेजी तो टाईप कर देते थे, लेकिन हिन्दी का मैटर हाथ से लिखकर देते थे।  कारण पूछने पर बताया गया कि उन्हें हिन्दी टाईपिंग नही आती है। फिर मैं कुछ दिन पहले स्कूल में गया, स्कूल के कम्पयूटर पर हिन्दी राईटर इंस्टाल किया और अध्यापकों को सिखा/बता कर आया हिन्दी में कैसे लिखा जाये। आज मेरे सहयात्री मित्र श्री सुशील गुप्ता जी ने फोन करके पूछा कि मैं कम्पयूटर पर हिन्दी कैसे लिख सकता हूँ। कुछ दिन पहले एक मित्र श्री विनोद जी ने भी यही पूछा था। अब मैनें सोचा कि हिन्दी राईटर पर एक पोस्ट ही लिख दी जाये, ताकि भविष्य में किसी के पूछने पर सीधे पोस्ट का लिंक दिया जा सके। आशा है यह पोस्ट किसी के काम आयेगी।

हिन्दी लि्खने के लिये बहुत सारे औजार हैं, परन्तु मेरा मानना है कि नवांगतुकों के लिये "हिन्दी राईटर : द फोनेटिक हिन्दी राईटर" हिन्दी लिखने का सबसे आसान औजार है। लेकिन इसमें इंस्टालेशन करने पर थोडा लैंग्युएज सैटिंग्स में बदलाव करना पडता है। यहीं नये लोगों को थोडा मुश्किल आती है। इसके बाद स्पैलिंग चैक और ऑफलाइन/ऑनलाइन लिखने में बहुत आराम है। मैं स्वयं हिंदी राईटर का उपयोग करता हूँ, बाकियों को आज़माया नहीं है।
पोस्ट लिखते-लिखते हिन्दी राईटर के डाऊनलोड लिंक के लिये सर्च करने गया तो आदरणीय बी. एस. पाबला जी के ब्लॉग का यह पेज टिप्पणी में, एक्सेल में, वर्ड में, नोटपैड आदि में हिंदी कैसे लिखें सामने आ गया। अब आप इसे पढिये और हिन्दी लिखिये। काहे मुझसे मेहनत करवा रहे हैं। बिना पूछे कॉपी पेस्ट कर रहा हूँ। गुस्सा करेंगें तो क्षमायाचना सहित हटा दूंगा।
नोट – इंस्टालेशन से पहले अपने पास ऑपरेटिंग सिस्टम यानि विंडोज की सीडी जरुर रखें, जरुरत पड सकती है।




तो देखा जाए इसका इंस्टालेशन
हिंदी राईटर की एक वेबसाईट होती थी। वह अब बंद हो चुकी लेकिन इसे अभी दो विश्वसनीय स्थानों से डाउनलोड किया जा सकता है। पहली लिंक है इसके संस्करण 1.4a की यहाँ, दूसरी लिंक है इसके 1.4b संस्करण की यहाँ । 1.4b अधिक सुधरा रूप है। वैसे तो डाउनलोड की गई फाईल से इंस्टालेशन किए जाने पर कोई दिक्कत नहीं होती किन्तु किसी किसी कम्प्यूटर में यह ऑपरेटिंग सिस्टम वाली सीडी की माँग करता है।
इंस्टालेशन के बाद यह स्वयं ही आपको Regional and Langauge Options Langauge टैब पर ले जाता है।

आवश्यकता हो तो, आप यहाँ स्वयं भी जा सकते हैं बाद में। वहाँ Supplemental Langauge Support के अंतर्गत Install files for complex script and left to right langauges (Included Thai) को चुन लें तथा Apply पर क्लिक करें। एक चेतावनी दिखेगी उसे OK कर दें।

हो सकता है पूरी प्रक्रिया चुपचाप खतम हो जाए या फिर सीडी डालने को कहा जाए! सीडी को ड्राईव में डाल कर कुछ सेकेंड बाद आगे बढ़ने की अनुमति दें। पूछे जाने पर कम्प्यूटर Restart करें।
जब कम्प्यूटर पुन: शुरू होगा तो एक आईकॉन दिखेगा।

इसे क्लिक किए जाने पर नीचे टास्क बार में लाल रंग की पृष्ठभूमि में लिखा हुआ दिखेगा।

अब अपने की-बोर्ड पर Shift दबाए रख कर Pause को एक बार दबा कर छोड़ देंगे तो यही , हरे रंग की पृष्ठभूमि में दिखेगा।

पुन: की-बोर्ड पर Shift दबाए रख कर Pause को एक बार दबा कर छोड़ देंगे तो एक बार फिर लाल रंग की पृष्ठभूमि में अ लिखा हुआ दिखेगा।
जब तक हरे रंग की पृष्ठभूमि रहेगी, आपके द्वारा की-बोर्ड से हिंदी लिखी जा सकेगी, जब पृष्ठ्भूमि लाल होगी तो अंग्रेजी लिखी जा सकेगी। एक ही पृष्ठ पर आप इसे सैकड़ों बार इसे बदल सकते हैं। यदि Shift + Pause में सहूलियत न हो तो इसी वाले आईकॉन पर राईट क्लिक कर Toggle Transliterator को चुन कर भी यही कार्य किया जा सकता है।

हिंदी लिखने के लिए अक्षरों का पूरा खाका ऊपर सबसे पहले चित्र में है। जैसे जैसे आप की-बोर्ड पर टाईप करते जाएँगे, वैसे वैसे शब्द बनते चले जाएँगे। एक सुविधा भी है इसमें कि यह आपके टाईप किए जा रहे अक्षरों के आधार पर शब्दों को सुझाते जाता है और आप उन्हें एक क्लिक में चुन सकते हैं।
जैसे कि, यदि आप लिखना चाहेंगे समस्याएँ तो सम लिखते ही दाँई ओर एक सूची आते जाएगी, छोटी बड़ी होती हुई। अब समस लिखते ही 26 शब्दों की सुझाव-सूची में 21वें तथा 22वें स्थान पर क्रमश: समस्याएँ व समस्याएं लिखा दिखेगा। अब यदि आपको समस्याएँ लिखना पसंद है तो समस लिखने के तुरंत बाद 21 लिख कर की-बोर्ड का स्पेस-बार दबा दें, अपने आप ही समस्याएँ लिखा जाएगा! यदि 22 लगा देंगे तो समस्याएं लिखा जाएगा!!

कुछ उदाहरण देखिए
  • समस21 = समस्याएँ
  • समस22 = समस्याएं
  • कि2 = किंकर्तव्यविमूढ़
  • हि8 = हिंदुत्ववादी
  • रा13 = राइबोन्यूक्लिएस
  • म25 = मँडराऊँगी
  • द17 = दंडस्वरूप
  • प14 = पंखुड़ियों
  • भ16 = भंडारकर्मी
  • क19 = कंक्रीटयुक्त
  • ष2 = षड़यंत्रकारियों
  • च11 = चंडीगढ़
अगर आप चाहें तो इसे निष्क्रिय भी कर सकते हैं, राईट क्लिक मीनू मे Disable Word Lookup चुन कर। सक्रिय करना हो तो Enable Word Lookup
इसका प्रयोग कर आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, नोटपैड, जीमेल, याहूमेल, याहू मैसेंजर, जीटाक, पर सीधे हिंदी लिख सकते हैं। HTML कोड्स के बीच हिंदी लिख सकते हैं। ब्लॉग पर पोस्ट लिख सकते हैं। टिप्पणी कर सकते हैं। पोस्ट लिखते हुए ध्यान रखें कि ब्लॉगस्पॉट का हिंदी लिप्यांतरण सक्रिय न हो। थोड़े से अभ्यास से आप कठिन शब्द भी सरपट लिख सकते हैं। यदि वर्ड आदि पर लिख रहे हों तो इसका वर्तनी Spelling जाँच करने का तंत्र भी आपकी सहायता करेगा। कोई समस्या हो तो यहीं टिप्पणी कर पूछ लें ताकि बाकी साथियों को भी जानकारी हो सके।

17 comments:

  1. बेहद उपयोगी जानकारी ...... विस्तार से समझाया .... धन्यवाद

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  2. बहुत काम की जानकारी है यह।

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  3. हो सके तो अपना धन्यवाद श्री बी एस पाबला जी को उनकी पोस्ट पर दें। मेरी काफी मेहनत और समय बच गया है।

    प्रणाम

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  4. अब तो इन्स्क्रिप्ट देवनागरी कीबोर्ड की आदत पड़ गयी है, गति भी है और शुद्धता भी।

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  5. 'हिन्दी कैसे लिखेँ' इस विषय पर अनेक ब्लॉग्स में अनेक पोस्ट लिखे गए हैं अधिकांश ब्लॉग्स में सहायता के लिए लिँक्स भी दिए गए हैं इसलिए मुझे लगता है कि बजाय यह पोस्ट करने के आपने यदि अपने ब्लॉग के साइड बार में सबसे ऊपर पाबला जी के पोस्ट का लिँक दे दिया होता तो बेहतर रहता।

    जो चीज पहले ही लिखी जा चुकी हो और आसानी से उपलब्ध हो उसे बार बार लिखने का क्या औचित्य है? हाँ यदि पोस्ट और टिप्पणियों की संख्या बढ़ानी हो तो अलग बात है।

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  6. .

    अंतर सोहिल जी ,
    एक बेहद उपयोगी पोस्ट के लिए आभार।

    .

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  7. ये ही प्रयोग करती हूँ।

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  8. @ आदरणीय सोमेश सक्सेना जी नमस्कार

    आपकी बात सही है। इस विषय पर काफी पोस्ट लिखी जा चुकी हैं। लेकिन इन पोस्ट्स तक पहुँचने के लिये हिन्दी में ही 'हिन्दी कैसे लिखें' सर्च करना पडता है। कोई hindi kaise likhe सर्च करे तो इन पोस्ट पर पहुँच ही नही पाता है। आप करके देखें, क्या परिणाम आ रहा है। और लिंक वाला आपका आईडिया अच्छा लगा, लेकिन सच कह रहा हूँ कि मेरे दिमाग में यह बात नहीं आई कि पाबला जी की पोस्ट का लिंक ही दे दूं। और पोस्ट मैनें लिखनी शुरु कर दी थी, तो मैने मैटर को कॉपी कर दिया।

    बात पोस्ट और टिप्पणी बढाने की नहीं है जी, मैनें ऊपर ही लिख दिया कि जो नये हैं उनको समझाने के लिये और आमतौर पर हर किसी को अपनी पोस्ट और ब्लॉग का याद रहता है, तो मैं आसानी से अपना यू आर एल बता कर एक कीवर्ड सर्च या लेबल के जरिये किसी को इस पोस्ट तक पहुँचा सकता हूँ।
    अगर पाबला जी कहेंगें तो मैं इस पोस्ट को हटाकर आपके बताये अनुसार केवल पाबला जी की उक्त पोस्ट का लिंक दे दूंगा।
    आपसे एक बढिया बात सीखने को मिली, हार्दिक आभार

    प्रणाम स्वीकार करें

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  9. @ आदरणीय सोमेश सक्सेना जी
    पोस्ट तो बढानी ही हैं :) एक-एक विषय पर जब सैंकडों पुस्तकें लिखी जाती हैं तो पोस्ट लिखने में क्या हर्ज है।
    और टिप्पणी एक आपने करके और तीन मैनें खुद ही करके बढा दी:) हा-हा-हा
    आगे से किसी पोस्ट को कॉपी पेस्ट करने की बजाय लिंक ही लगाऊंगा जी। आशा करता हूँ कि आपसे निर्देश आगे भी मिलते रहेंगे।

    प्रणाम

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  10. मेरे लिये तो ये झंझट बहुत मुश्किल है मै तो हिन्दी केफे से ही काम चला लेती हूँ। शुभकामनायें, आशीर्वाद। बहुत अच्छा लगा रोहतक का प्रोग्राम। दाद देनी पडेगी तुम्हारी निष्ठा और सब के प्रति प्रेमभाव की। बधाई।

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  11. बेहद उपयोगी जानकारी

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  12. अन्तर सोहिल जी,
    मुझे खुशी है कि आपने मेरी टिप्पणी को सकारात्मक लिया। इसी खुशी में आपकी टिप्पणियों की संख्या मे इजाफ़ा भी कर रहा हूँ :)

    जरूरी नहीं कि hindi kaise likhe डालकर ही सर्च किया जाए, दूसरे keywords से भी इसे खोजा जा सकता है। पर मेरे ख्याल से इस बात को अब यहीं खत्म किया जाए। आपकी ये पोस्ट इतनी महत्वहीन भी नहीं है। बल्कि कुछ लोग इससे लाभ भी उठा सकते हैं।

    आपके मौलिक और रचनात्मक पोस्ट की प्रतीक्षा में,

    आपका सोमेश...

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  13. इस काम के लिये गूगल का हिन्दी राईटर भी अच्छा काम कर रहा है | यह भी फोनेटिक रूप से ही लिखता है | बहुत से लोग अब इस इसे काम में भी लेने लग गए है |जितने ज्यादा लोग इसे काम में लेंगे उतनी ही सुधार की सम्भावना भी है|एक कमी जरूर है कि इसे इंस्टाल करने के लिये एक बार नेट की जरूरत पड़ती है| इंस्टाल होने के बाद आप कभे इभी कही भी हिन्दी लिख सकते है | जैसे जैसे आप टाईप करते है ये शब्द पहले ही पूरा करके दिखाता चलता है |

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  14. बिना पूछे कॉपी पेस्ट किये हैं तो गुस्सा आयेगा ही :-)

    इसकी पेनाल्टी यही है कि अगली मुलाक़ात में आप मुझे एक कप नीबू चाय पिलायेंगे :-D

    पोस्ट हटाने की कतई ज़रुरत नहीं है.

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  15. गूगल का प्रयास भी बढ़िया है किन्तु इसके द्वारा कई शब्दों को मनचाहे ढंग से लिखने की कोशिश में माथे पर पसीना छलक आता है

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  16. आपके लिए एक और भी हिन्दी मंच है " शब्दनगरी "जहां आप अपने ब्लोगस प्रकाशित कर सकते है और अपनी वैबसाइट बना लोगो से जुड़ सकते है , साथ ही उत्क्रष्ट रचनाओ का आनंद ले सकते है

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मुझे खुशी होगी कि आप भी उपरोक्त विषय पर अपने विचार रखें या मुझे मेरी कमियां, खामियां, गलतियां बतायें। अपने ब्लॉग या पोस्ट के प्रचार के लिये और टिप्पणी के बदले टिप्पणी की भावना रखकर, टिप्पणी करने के बजाय टिप्पणी ना करें तो आभार होगा।