05 February 2011

कभी-कभी विषय बदलकर पोस्ट लिखा करें

हिन्दी ब्लॉगजगत में आजकल कुछ शांति सी दिख रही है। क्या कारण है? आजकल कुछ अच्छे-अच्छे ब्लॉग्स निष्क्रिय  हैं। वहीं उंगली करने वाले फर्जी आईडी वाले काडीबाज भी चुपचाप से बैठे हैं। मैं खुद कई दिनों से ब्लॉगिंग से बोरियत सी महसूस कर रहा था। बहुत कम पोस्ट पढता था और टिप्पणियां तो बिल्कुल नहीं कर रहा था। क्या कोई ग्रह नक्षत्र इसके लिये जिम्मेदार है या कोई दूसरा कारण है। कई बार ऐसा होता है कि हम एक ही टाईप की पोस्ट्स पढते-पढते और एक जैसी टिप्पणियां करते-करते भी बोर हो जाते हैं।
मैं तो एक पाठक हूँ और मेरा टेस्ट हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। तो आप लोग भी कोशिश करके कभी-कभार थोडा विषय बदलकर पोस्ट लिखा करें

अब देखिये कौन-कौन से ब्लॉग्स हैं जो सालों से अपडेट नहीं हुये हैं :
कौन-कौन से ब्लॉग्स हैं जो महिनों से अपडेट नहीं हुये हैं :

कौन-कौन से ब्लॉग्स हैं जो हफ्तों से अपडेट नहीं हुये हैं :

16 comments:

  1. अन्तर-सोहेल भी 13 दिनों के बाद प्रकाशित हुआ है। वैसे ब्लाग प्रकाशन के बारें में इतनी सारी स्टीक जानकारी रखने के लिए आपके दिमाग की दाद दिए बिना नहीं रहा गया । सभी ब्लागरस की ओर से याद दिलाने के लिए धन्यवाद। धन्यवाद इसलिए कि ब्लागर जाग जाएगा तो हमें भी कुछ पढ़ने को मिलेगा।
    आशिर्वाद

    ReplyDelete
  2. ये अन्दाज़ भी रास आया…………दूर की कौडी लाये हैं।

    ReplyDelete
  3. हम्म स्थिति गंभीर है..

    ReplyDelete
  4. आप ही बता दें किस विषय में पढ़ना पसंद करेंगे आप?
    तो हम सब उस विषय में लिखने की कोशिश करेंगे ताकि बोरियत महसूस न करें जी। :)

    ReplyDelete
  5. " मैं खुद कई दिनों से ब्लॉगिंग से बोरियत सी महसूस कर रहा था। बहुत कम पोस्ट पढता था और टिप्पणियां तो बिल्कुल नहीं कर रहा था। "

    अब यह भी कोई बात हुयी महाराज ... खुद आप टिप्पणी करते नहीं हम टिप्पणी करते है तो आप शिकायत करते है !

    प्रणाम !

    ReplyDelete
  6. वैसे ब्लॉग चर्चा का आप का यह अंदाज़ काफी पसंद आया ! इस को नियमित रूप से करने के विषय में विचार करें !

    प्रणाम !

    ReplyDelete
  7. औरो का तो पता नहीं....पर मुझे तो डेढ़ साल होने को आए...बोरियत नहीं महसूस हुई....और शायद ही कोई विषय छूटा हो,जिसपर ना लिखा हो......:)

    पर ये अपडेट्स...कभी-कभी तकनीकी गड़बड़ी की वजह से भी गलत तारीख दिखाते हैं.
    मन का पाखी पर मैने २७ दिसंबर २०१० को लास्ट कहानी पोस्ट की थी पर अपडेट्स ७ महीने पहले दिखा रहा है...क्या हल है इसका??

    ReplyDelete
  8. असल मे दो महीने पहले इन अनामियो की अम्मा घर से भाग गई थी, ओर बिना अनामियो के ब्लाग जगत मे मजा नही आता, तो सब उस अनामी की अम्मा को ढूढ रहे होंगे... ताकि फ़िर से रोनक लोट आये ब्लागजगत मे

    ReplyDelete
  9. बढ़िया है... इसी बहाने आपको एक नया विषय तो मिला :)

    ReplyDelete
  10. आज तो भाई,
    प्रणाम स्वीकार करें।

    ReplyDelete
  11. कमाल की मेहनत की है अमित ! हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  12. फ़िक्र की बात है या ख़ुशी की?

    ReplyDelete
  13. इनसे कहा जाये कि बन्धुवर लिखें।

    ReplyDelete
  14. ...लेकिन रोज़—रोज़ लिखने वालों के बारे में कुछ कह दिया तो लोग नाहक़ नाराज़ हो जाएंगे :)

    ReplyDelete
  15. lekin श्रेष्ठभारत ब्लॉग तो हर सप्ताह मे अपडेट होता है

    ReplyDelete

मुझे खुशी होगी कि आप भी उपरोक्त विषय पर अपने विचार रखें या मुझे मेरी कमियां, खामियां, गलतियां बतायें। अपने ब्लॉग या पोस्ट के प्रचार के लिये और टिप्पणी के बदले टिप्पणी की भावना रखकर, टिप्पणी करने के बजाय टिप्पणी ना करें तो आभार होगा।