19 February 2011

इस झनझनाहट से कितना फ़र्क पड़ता है

हमें तो चिंता हो रही है कि जब कागज में तम्बाकू, गुटखा आयेगा तो बहुत जल्दी खराब हो जायेगा :)
कपडे खराब होने से बीवी डांटेगी सो अलग ;)

कल नया बांस (खारी बावडी में तम्बाकू सिगरेट की थोक मार्केट) में सभी दुकानें खाली-खाली देखी।
नया बांस छोटी सी मार्केट है और उसमें दो स्कूल भी हैं। 
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार स्कूल के आसपास दुकानों पर तम्बाकू की बिक्री अपराध है।

अगर आपको भी ऐसी ही चिंता है तो एक बार मीडिया डॉक्टर की ये लाईनें और लिंक पर जाकर तम्बाकू का कोहराम पढ लीजिये और तम्बाकू छोडकर अपने स्वास्थय की चिंता कीजिये।

इस तंबाकू रूपी कोहराम के तालाब में किसी ने पत्थर मार के रिपल्ज़ (ripples...तरंगे) तो पैदा कीं .... अब देखते हैं इस उथल-पुथल से, इस झनझनाहट से कितना फ़र्क पड़ता है ... कुछ भी हो, एक अच्छी शुरूआत है , एक सराहनीय पहल है... After all, a journey of three thousand miles starts with the first step ! काश, किसी दिन ऐसी ही सुस्ताई सुबह को यह खबर भी मिले कि तंबाकू के सभी उत्पादों पर प्रतिबंध लग गया है... न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी .... क्यों नहीं हो सकता? सारी दुनिया आस पर ही तो टिकी हुई है !!

18 comments:

  1. आपकी चिंता जायज है । हमें भी उस सुबह का इंतज़ार होगा जब इस घातक चीज़ पर रोक लगेगी ।

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  2. आदरणीय अंतर जी
    प्रणाम
    हम तो हर तरह के नशे से दूर हैं इसलिए हमें तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। :)
    वैसे मैं भी चाहता हूँ कि इन उत्पादों पर प्रतिबंध लग जाए। समाज का बहुत भला होगा।
    आभार सार्थक विषय उठाने के लिए।

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  3. समाज का बहुत भला होगा प्रतिबंध लग जाए तो|

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  4. भाई आपकी बात और उम्मीद तो अच्छी है, इसके लिये शुभकामनाएं. पर इसके बाद सवाल ये उठता है कि अगर तंबाकू उत्पादों पर प्रतिबंध लग भी गया तो क्या मिलने बंद हो जायेगे? अभी कुछ राज्य ऐसे हैं जहां दारूबंदी है पर वहां जितनी आसानी से दारू मिल जाती है उतनी आसानी से तो हमारे यहां भी नही मिलती.

    हमारे देश में हर प्रतिबंध लगाये ही इस लिये जाते हैं कि कतिपय राजा राडिया जैसे इसका फ़ायदा उठा सकें. वैसे भाई मुझे कोई फ़र्क नही पडेगा क्युंकि मैं इन दोनो ही बीमारीयों से बहुत दूर हुं.:)

    रामराम

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  5. ताऊ की बात में दम है प्रतिबन्ध लग सके तो उससे अच्छा कुछ नहीं परन्तु प्रतिबन्ध लगके एक और अपराध का जन्म हो उसे तोड़ने के लिए तो...

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  6. मेरे साले जी का कल ही मुंह के केंसर का ऑपरेशन हुआ है। अत: मेरे मन में तो इस गुटखा को ले कर बहुत रोष है। बन्द होना चाहिये ये गन्द!

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  7. ऎसे तो यह बंद नही होगा, हां जगह जगह इस के बारे, ओर इस से होने वाले नुकसान की घिन्नोनी घिन्नोनी फ़ोटो लगा दी जाये, ओर इस के पाकेट पर भी घिन्नोनी घिन्नोनी फ़ोटू लगाई जाये, तो शायद लोग इसे देख कर छोड दे,
    वेसे लोग इसे किसी पलास्टिक ली डिब्बी मे रखेगे अब, मैने तो आज तक इसे देखा तक नही

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  8. अरे भाई हुक्के की तम्बाखु बंद हो गयी तो
    दो चार स्टेट की सरकार ही मौधी हो ज्यागी।
    और म्हारे ताऊ का भी हुक्का-पानी बंद हो ज्यागा।
    यो जुलम मति ना करो भाई
    अगर थमने वोट चाहिए तो :)

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  9. मुझे तो उन लोगों पर हैरानी है जो इस तरह के ban का विरोध करते हैं. क्या ऐसे लोगों को अपने स्वास्थ या अपने बच्चे के स्वास्थ की चिंता नहीं है...

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  10. प्रति बन्ध लगना ही चाहिये। नही तो ये लत ऐसे नही छूटेगी। लोग न तो अपने और न आस पास के लोगों के स्वास्थय की परवाह करते हैं। आशीर्वाद।

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  11. बहुत ही सार्थक पोस्ट....सिर्फ ban करना ही उपाय नहीं है...इसे सख्ती से लागू करने की भी

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  12. समाज का बहुत भला होगा प्रतिबंध लग जाए तो|

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  13. गुटखा से तो किसी का भला नहीं हुआ है।

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