07 April 2010

प्रीतम का कुछ दोष नहीं है

आज आप सुनिये मेरे पसन्दीदा भक्ति संगीत कलैक्शन में से एक भजन  (आप इसे नात या कव्वाली भी कह सकते हैं) "सांसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम" प्रेमरस से सराबोर इस रचना के गायक शायद सुप्रसिद्ध श्री नुसरत फतेह अली खान जी हैं।



इस पाडकास्ट के कारण गायक, रचनाकार, अधिकृता, प्रायोजक या किसी के भी अधिकारों का हनन होता है तो क्षमायाचना सहित तुरन्त हटा दिया जायेगा।

1 comment:

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