28 August 2008

दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे

ऐसा पहली बार हुआ है सतराह अट्ठराह सालों में
अनदेखा अनजाना कोई आने लगा ख्यालों में
आँखों की खिडकी पर एक साया सा लहराता है
दिल के दरवाजे पर कोई दस्तक दे कर जाता है
गहरी गहरी काली आँखें मुझसे मुझको पूछ्ती हैं
हाथों की रेखाओं में इक चेहरा सा बन जाता है
उसकी सांसे रेशम जैसी गालों को छू जाती हैं
उसके हाथों की खुशबू है अब तक मेरे बालों में
हां ऐसा पहली बार हुआ है सतराह अट्ठराह सालों में
अनदेखा अनजाना कोई आने लगा ख्यालों में

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